मुग़ल काल में सामाजिक एवं सांस्कृजिक परिवितन: एक ऐतिहासिक दृष्टि

Authors

  • डॉ. तनुजा गुप्ता एचओडी (बीएड), मां विंध्यवासिनी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पद्मा, हज़ारीबाग़ Author

Keywords:

मुगल साम्राज्य, सामाजिक परिवर्तन, सांस्कृतिक सहयोग, धार्मिक सहिष्णुता, भारतीय स्थापत्य

Abstract

मुगल साम्राज्य (1526-1857) भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण कालखंड है जिसने भारतीय समाज और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। यह शोध पत्र मूल काल में शामिल सामाजिक और सांस्कृतिक संगीत का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य मुगल शासन काल के दौरान भारतीय समाज में धार्मिक सहिष्णुता, कला, स्थापत्य, भाषा, साहित्य और सामाजिक संरचना में निहित संस्कृति की पहचान करना है। इस शोध में गुणात्मक शोध पद्धति का प्रयोग करते हुए ऐतिहासिक अभिलेखों, अभिलेखों और द्वितीयक संसाधनों का विश्लेषण किया गया है। शोध के परिणाम हैं कि मुगल काल में भारत-फारसी संस्कृति का समन्वय, नवीन स्थापत्य शैली का विकास, अरबी भाषा की विरासत, और धार्मिक सहिष्णुता की नीति ने भारतीय समाज को एक नया आयाम दिया। धार्मिक सहिष्णुता की नीति, शाहजहाँ की स्थापत्य योगदान, औरंगज़ेब के रूढ़िवादी समर्थकों ने समाज पर विविध प्रभाव डाले। निष्कर्ष के रूप में कहा जा सकता है कि मुगल काल में भारतीय संस्कृति समृद्ध और बहुसंख्यक थी जिसका प्रभाव आज भी दृष्टिगोचर होता है।

Downloads

Published

2025-02-11

Issue

Section

Articles

How to Cite

मुग़ल काल में सामाजिक एवं सांस्कृजिक परिवितन: एक ऐतिहासिक दृष्टि. (2025). Global Journal of Sociology and Anthropology, 14(1), 1-9. https://ijpp.org/journal/index.php/GJSA/article/view/426