छात्र-शिक्षकों में सामाजिक परिपक्वता एवं नैतिक निर्णय का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Keywords:
सामाजिक परिपक्वता, नैतिक निर्णय, छात्र-शिक्षक, हजारीबाग, बी.एड.Abstract
प्रस्तुत अध्ययन झारखंड के हजारीबाग जिले के बी.एड. छात्र-शिक्षकों में सामाजिक परिपक्वता एवं नैतिक निर्णय के स्तर का विश्लेषण तथा इन दोनों चरों के मध्य संबंध की जांच करने हेतु किया गया। शिक्षकों का व्यवहार छात्रों के नैतिक विकास को सीधे प्रभावित करता है, अतः उनकी परिपक्वता का मूल्यांकन शैक्षिक गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य लिंग (पुरुष/महिला) तथा निवास स्थान (ग्रामीण/शहरी) के आधार पर इन दोनों चरों में अंतर का परीक्षण करना था। शोध हेतु वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि अपनाई गई, जिसमें हजारीबाग जिले के बी.एड. महाविद्यालयों से स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन द्वारा 320 छात्र-शिक्षकों (160 पुरुष, 160 महिला) का चयन किया गया। नलिनी राव की सामाजिक परिपक्वता मापनी तथा नैतिक निर्णय परीक्षण मापनी का उपयोग किया गया। आंकड़ों के विश्लेषण हेतु माध्य, मानक विचलन, टी-परीक्षण तथा कार्ल पियर्सन सहसंबंध गुणांक का प्रयोग किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि छात्र-शिक्षकों की सामाजिक परिपक्वता और नैतिक निर्णय के मध्य धनात्मक सार्थक सहसंबंध (r=0.42, p<0.01) पाया गया। महिला छात्र-शिक्षक पुरुषों की तुलना में दोनों चरों में बेहतर पाई गईं। शहरी छात्र-शिक्षकों ने ग्रामीण से अधिक स्कोर प्राप्त किए। यह अध्ययन शिक्षक-शिक्षा कार्यक्रमों में नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक कौशल विकास हेतु पाठ्यक्रम सुधार की आवश्यकता पर बल देता है।
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